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जनगणना 2027 में विकलांगता की श्रेणियों में अंतराल, अधिकार समूहों का विरोध
विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम 2016 के तहत मान्यता प्राप्त कई विकलांगताओं को प्रस्तावित जनगणना ढांचे से छोड़ा गया है। विकलांगता अधिकार समूह इस कमी पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
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आने वाली जनगणना 2027 के लिए प्रस्तावित श्रेणियों में विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण खामियां हैं। विकलांगता अधिकार समूहों का कहना है कि जनगणना का ढांचा अधिकारों के कानून (आरपीडब्ल्यूडी) 2016 के तहत मान्यता प्राप्त कई विकलांगताओं को शामिल नहीं करता है।
अधिनियम में 21 विकलांगता श्रेणियों को परिभाषित किया गया है, किंतु प्रस्तावित जनगणना फ्रेमवर्क इन सभी को दर्ज करने के लिए तैयार नहीं है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह विकलांग आबादी के बारे में अधूरा डेटा प्रदान करेगा और सरकारी नीति निर्माण को गलत दिशा दे सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जनगणना में सभी मान्यता प्राप्त विकलांगता श्रेणियों को शामिल करना महत्वपूर्ण है ताकि सटीक आंकड़े मिल सकें। इससे योजना, संसाधन आवंटन और कल्याण कार्यक्रमों को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
अधिकार समूहों ने जनगणना प्रशासकों से आग्रह किया है कि वे प्रस्तावित ढांचे में संशोधन करें और आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 के साथ पूर्ण संरेखण सुनिश्चित करें। विकलांग समुदाय के हितों के लिए यह कदम आवश्यक है।