LSN News › India

Politics · India Bureau

विद्रोही टीएमसी सांसदों को लोकसभा सचिवालय से नोटिस; सात दिन में जवाब देने को कहा

लोकसभा सचिवालय ने विद्रोही तृणमूल कांग्रेस सांसदों को अयोग्यता संबंधी याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इस कदम से एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी की याचिका सुनने पर सहमति दी थी।

LSN India · 26 August 2026

विद्रोही टीएमसी सांसदों को लोकसभा सचिवालय से नोटिस; सात दिन में जवाब देने को कहा

लोकसभा सचिवालय ने तृणमूल कांग्रेस के विद्रोही सांसदों को अयोग्यता संबंधी याचिकाओं के बारे में नोटिस जारी किए हैं। इन सांसदों को सात दिन की अवधि के भीतर सचिवालय के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। यह कदम पार्टी से अलग होकर भाजपा के साथ जुड़े सांसदों के खिलाफ दायर की गई अयोग्यता याचिकाओं की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।

गत वर्ष तृणमूल कांग्रेस से कई सांसदों का विद्रोह हुआ था जब वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। इन विद्रोही सदस्यों के खिलाफ पार्टी ने राष्ट्रीय विधि आयोग के समक्ष अयोग्यता की याचिकाएं दायर की थीं। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी नोटिस इन याचिकाओं पर औपचारिक कार्रवाई का संकेत है।

इस विकास से एक दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी की याचिका पर विचार करने के लिए सहमति दी थी। बनर्जी की याचिका में अयोग्यता संबंधी पेटिशन पर तीव्र निर्णय लेने की मांग की गई थी। न्यायालय के इस निर्णय के बाद सचिवालय द्वारा नोटिस जारी करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार ये नोटिस संविधान के अनुच्छेद 102 के तहत जारी किए गए हैं जो सांसदों की अयोग्यता से संबंधित है। सांसदों को अब सचिवालय के समक्ष अपनी बहाली के लिए तर्क प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। आने वाले सप्ताहों में इस मामले में और विकास होने की संभावना है।