World · India Bureau
छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के जिला कलेक्टरों को नागरिकता देने की शक्तियां
गृह मंत्रालय के नए आदेश में नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता प्रदान करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासकों को सौंपी गई है। केंद्रीय पैनलों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।
LSN India ·

गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के जिला कलेक्टरों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता प्रदान करने की शक्तियां प्रदान की है। यह निर्णय केंद्रीय स्तर पर बनाए गए पैनलों की प्रणाली को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नागरिकता संशोधन नियमों में किए गए संशोधन पहली बार 11 मार्च 2024 को लागू हुए थे। इस नई प्रशासनिक व्यवस्था से नागरिकता देने की प्रक्रिया अधिक विकेंद्रीकृत हो जाएगी और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर निर्णय लिए जाएंगे।
नई प्रणाली में आवेदनकर्ताओं को अपने जिलों में ही नागरिकता के लिए आवेदन करने का विकल्प मिलेगा। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और आवेदकों को स्थानीय स्तर पर तेजी से सेवा प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
इस आदेश के माध्यम से सरकार प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है। केंद्रीय पैनलों को धीरे-धीरे हटाने से जिला स्तर पर प्रशासन को अधिक जिम्मेदारी और स्वायत्तता मिलेगी।