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द्वितीय विश्व युद्ध का रहस्य: 82 साल बाद समुद्र में मिला जहाज का मलबा
1944 में जर्मन पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो किए गए SS कॉर्नवॉलिस जहाज का मलबा मेन के तट से 400 फीट गहराई में खोजा गया है। इसी पनडुब्बी ने डूबने से कुछ दिन पहले अमेरिकी तट पर नाजी जासूस उतारे थे।
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नोमैड एक्सप्लोरेशन टीम के गोताखोरों ने द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवशेष खोज निकाला है। SS कॉर्नवॉलिस जहाज का मलबा मेन के तट से लगभग 400 फीट की गहराई में पाया गया, जो दिसंबर 1944 में एक जर्मन पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो किए जाने के बाद यहां डूब गया था।
इस हमले में जहाज के 43 चालक दल के सदस्यों की मृत्यु हुई थी। यह खोज एक दुर्लभ ऐतिहासिक क्षण को प्रकाश में लाती है जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी मिट्टी पर नाजी जासूसी गतिविधियों से जुड़ा है।
उल्लेखनीय है कि जर्मन पनडुब्बी ने SS कॉर्नवॉलिस को डुबोने से महज कुछ दिन पहले मेन के तट पर दो नाजी जासूसों को गुप्त रूप से उतारा था। यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप से परे अमेरिका में चलाई जा रही गुप्त कार्रवाइयों का साक्षी है।
82 साल के अंतराल के बाद इस जहाज की खोज शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए युद्ध के इस कम ज्ञात पहलू को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। समुद्र की गहराइयों से प्राप्त यह साक्ष्य वह समय काल फिर से जीवंत कर देता है जब वैश्विक संघर्ष सीमाओं से परे अप्रत्याशित स्थानों तक पहुंच गया था।