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दिवाली पूजन के लिए शुभ मुहूर्त जानें, समय पर न करें चूक
दिवाली 2026 पर मां लक्ष्मी की सफल पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का पालन आवश्यक है। गणेश और कुबेर पूजन की सही विधि और षोडशोपचार मंत्रों की जानकारी यहां प्राप्त करें।
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दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है। इस वर्ष भी परिवारों में धन-समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी की पूजा की जाएगी, लेकिन पूजा के लिए निर्धारित शुभ मुहूर्त का पालन करना जरूरी है।
शास्त्रों के अनुसार, दिवाली की पूजा के दौरान पहले गणेश का आह्वान किया जाता है, जिसके बाद माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की परंपरा है। प्रत्येक देवता की पूजन विधि में विशेष मंत्रों का प्रयोग होता है जो षोडशोपचार पद्धति के अनुसार संपन्न होती है।
लक्ष्मी पूजन को सफल बनाने के लिए सूर्यास्त के बाद निर्धारित समय में पूजा शुरू करना चाहिए। परिवार के सदस्यों को पूजा स्थल पर शुद्धता और श्रद्धा के साथ उपस्थित होना चाहिए। घर की दीपों को जलाते समय आरती के समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
पूजा की सभी परंपराओं का पालन करने से माना जाता है कि घर में धन और सुख-समृद्धि आती है। इसलिए भक्तों को अपने क्षेत्र के पंडित या धार्मिक ज्ञानी से शुभ मुहूर्त की जानकारी लेकर पूजा का आयोजन करना चाहिए।