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DMK ने की संगठनात्मक क्रांति, युवाओं को आकर्षित करने के लिए आयु सीमा निर्धारित की
तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी दल DMK ने शनिवार को अपने संगठन में व्यापक सुधार की घोषणा की। पार्टी के अध्यक्ष एम के स्टालिन की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति की बैठक में पदों के लिए आयु सीमा और कार्यकाल को सीमित करने का निर्णय लिया गया।
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DMK ने अप्रैल 2026 की विधानसभा चुनावों में अपनी चुनावी हार के बाद संगठनात्मक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव करने का फैसला किया है। अन्ना अरिवलयम स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका उद्देश्य युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना है।
नई योजना के तहत DMK अपने संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर 110 करेगा। प्रत्येक जिला लगभग दो विधानसभा क्षेत्रों के अनुरूप होगा, जिससे स्थानीय प्रशासन को बेहतर बनाया जा सकेगा। इस पुनर्गठन से पार्टी की संगठनात्मक संरचना अधिक विकेंद्रीकृत होगी।
महानगरीय क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कोयंबटूर और तांबरम जैसे प्रमुख शहरों में "नगर सचिव" का अलग पद पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके बजाय शहरी क्षेत्रों को मतदाताओं की संख्या के आधार पर पुनर्निर्धारित किया जाएगा। चेन्नई निगम क्षेत्र समितियों में औसतन 40,000 मतदाता होंगे, जबकि अन्य निगमों में प्रति समिति 30,000 मतदाता रहेंगे।
पार्टी के अध्यक्ष द्वारा नई सीमा मानचित्र जारी किए जाने के बाद ये परिवर्तन प्रभावी हो जाएंगे। इस संरचनात्मक सुधार से DMK अपने संगठन को अधिक जीवंत और प्रतिनिधिमूलक बनाने का लक्ष्य रख रहा है।