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1977 में तमिलनाडु में इंदिरा गांधी की यात्रा के दौरान डीएमके का प्रदर्शन
29 अक्टूबर 1977 को मैसूर में इंदिरा गांधी की यात्रा के समय डीएमके कार्यकर्ताओं ने काले झंडे के साथ प्रदर्शन किया। चेन्नई में पुलिस की गोलीबारी में दो लोग मारे गए।
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29 अक्टूबर 1977 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी तमिलनाडु के मैसूर शहर का दौरा किए थे। इस दौरान द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के कार्यकर्ताओं ने भारी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था।
मैसूर में डीएमके सदस्यों ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री की ओर पत्थर और लकड़ी के टुकड़े फेंके। यह घटना तनाव के माहौल को और गंभीर बनाने के लिए काफी थी।
चेन्नई में स्थिति और भी गंभीर हो गई। माउंट रोड पर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। इस घटना के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई। पुलिस की गोलीबारी में दो व्यक्ति मारे गए।
यह घटना भारतीय राजनीति के उस दौर को प्रतिबिंबित करती है जब क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शन कभी-कभी हिंसक रूप धारण कर लेते थे। इंदिरा गांधी की इस यात्रा ने तमिलनाडु में राजनीतिक तनाव को उजागर किया।