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घरेलू निवेश ने छोटी कंपनियों को आगे बढ़ाया, सितंबर में भारी गिरावट
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में स्मॉलकैप शेयरों में तेजी आई है, लेकिन सितंबर में तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के चलते बाजार पूंजीकरण में 18.4 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
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भारतीय शेयर बाजार में छोटी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में मजबूत रहा है, जिसका श्रेय घरेलू निवेशकों की सतत खरीद को दिया जा रहा है। हालांकि, सितंबर महीने में वैश्विक आर्थिक कारकों के कारण बाजार में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी बांडों की यील्ड में तेजी से वृद्धि ने निवेशकों के विश्वास को प्रभावित किया है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की बड़े पैमाने पर बिक्री ने भारतीय बाजार से 18.4 लाख करोड़ रुपये का पूंजीकरण निकाल लिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू निवेशकों, विशेष रूप से खुदरा निवेशकों और म्यूचुअल फंडों की निरंतर निवेश गतिविधि ने स्मॉलकैप सेगमेंट को वर्ष की पहली छमाही में समर्थन प्रदान किया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कारकों के कारण आने वाले महीनों में बाजार की अस्थिरता बनी रह सकती है।
आगामी महीनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक कारकों और घरेलू आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी। निवेशकों से सलाह दी जा रही है कि वे अपनी निवेश रणनीति को समायोजित करें और बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें।