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डॉ. रेड्डीज को खाद्यनली कैंसर की दवा जाइटोर्वी के लिए मंजूरी
डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज को भारत में उन्नत खाद्यनली स्क्वामस सेल कार्सिनोमा के इलाज के लिए इम्यूनोथेरेपी दवा जाइटोर्वी (टोरिपालिमैब) की अनुमति मिल गई है। यह दवा सिस्प्लेटिन और पैक्लिटेक्सेल के साथ संयोजन में दी जाएगी।
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डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज ने बुधवार को घोषणा की कि भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने उसकी इम्यूनोथेरेपी दवा जाइटोर्वी (टोरिपालिमैब) को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस दवा को अनुपचारित, पुनरावर्ती या मेटास्टेटिक खाद्यनली स्क्वामस सेल कार्सिनोमा (ईएससीसी) से पीड़ित वयस्क रोगियों के प्रथम-पंक्ति उपचार के लिए सिस्प्लेटिन और पैक्लिटेक्सेल के संयोजन में दिया जाएगा।
यह भारत में जाइटोर्वी की दूसरी अनुमोदित दवा है। पहले इसे नासोफेरिंजियल कार्सिनोमा के लिए मंजूरी दी गई थी। कंपनी के अनुसार, भारत में सभी खाद्यनली कैंसर के मामलों में से लगभग 80 प्रतिशत ईएससीसी होते हैं।
जाइटोर्वी में टोरिपालिमैब होता है, जो एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी है। यह पीडी-1 से बंधता है और पीडी-एल1 तथा पीडी-एल2 के साथ इसकी अंतःक्रिया को अवरुद्ध करता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं के विरुद्ध टी-कोशिकाओं की गतिविधि में सहायता मिलती है।
इस अनुमोदन को फेज 3 जूपिटर-06 परीक्षण के परिणामों द्वारा समर्थित किया गया है। यह मंजूरी भारतीय रोगियों को इस कैंसर के उपचार के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प प्रदान करती है।