LSN News › India

World · India Bureau

तोरई निर्यात से विदेशों में आय का नया स्रोत, सुखाई हुई सब्जी की बढ़ती मांग

तोरई को सुखाकर निर्यात करना भारतीय किसानों के लिए एक लाभकारी व्यवसायिक मॉडल उभर रहा है। विदेशों में इस सुखाई हुई सब्जी की मांग बढ़ने से किसान अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।

LSN India · 13 October 2026

तोरई निर्यात से विदेशों में आय का नया स्रोत, सुखाई हुई सब्जी की बढ़ती मांग

तोरई को सुखाकर निर्यात करना भारतीय किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आय का साधन बन गया है। विदेशों में इस प्रसंस्कृत उपज की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जिससे किसान परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

तोरई को सुखाने की प्रक्रिया सरल है और इसमें न्यूनतम निवेश की आवश्यकता होती है। ताजी तोरई को धूप में सुखाया जाता है, जिससे यह हल्की और टिकाऊ हो जाती है। यह सुखाई हुई तोरई विदेशों में खाद्य पूरक, पोषक सामग्री और अन्य उत्पादों के निर्माण में उपयोग की जाती है।

विश्व बाजार में जैविक और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग ने भारतीय किसानों को यह अवसर प्रदान किया है। निर्यातकर्ताओं का कहना है कि सुखाई हुई तोरई की गुणवत्ता और मूल्य दोनों ही विदेशी खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन का एक उत्तम उदाहरण है। छोटे और सीमांत किसान भी इस व्यवसाय में भाग लेकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।