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दशहरे पर दहन-पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर में, राहुकाल से बचें

20 अक्टूबर को दशहरे पर पूजा और रावण दहन के लिए दोपहर 1:59 से 2:45 बजे तक विजय मुहूर्त सबसे शुभ माना जा रहा है। इस समय का पालन करने से धार्मिक कार्य में सफलता मिलेगी।

LSN India · 20 October 2026

दशहरे पर दहन-पूजा के लिए विजय मुहूर्त दोपहर में, राहुकाल से बचें

दशहरा पर्व पर भगवान राम की विजय, मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय और शस्त्र पूजा का विशेष महत्व है। इस अवसर पर धार्मिक कार्यों के लिए सटीक मुहूर्त का पालन करना परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस वर्ष 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन पूजा और रावण दहन के लिए विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इसी समय को दिन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है।

परंपरागत विधान के अनुसार इस मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य विशेष फलप्रद होते हैं। भक्त और परिवार इसी समय पर पूजा-अर्चना करके और रावण दहन के समारोह में शामिल होकर त्योहार मनाते हैं।

इसके अलावा राहुकाल जैसे अशुभ समय से बचते हुए धार्मिक कार्य संपन्न करने की सलाह दी जाती है। भक्तगण निर्धारित मुहूर्त का पालन करते हुए दशहरे की परंपराओं को सम्मान देते हैं।