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दशहरे पर इन तीन गलतियों से बचें, जानें शुभ और अशुभ कार्य

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस पवित्र पर्व पर कुछ कार्य शुभ माने जाते हैं जबकि कुछ से परहेज करना चाहिए।

LSN India · 20 October 2026

दशहरे पर इन तीन गलतियों से बचें, जानें शुभ और अशुभ कार्य

दशहरा का पर्व भारतीय संस्कृति और आस्था का एक प्रमुख त्योहार है जो बुराई के विनाश और सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर परिवार और समाज में कई परंपरागत रीति-रिवाज निभाए जाते हैं। हालांकि, इस दिन कुछ परंपरागत नियमों का पालन करना भी आवश्यक माना जाता है।

शास्त्रों और परंपरागत मान्यताओं के अनुसार दशहरे पर कई ऐसे कार्य हैं जिनसे बचना चाहिए। दशहरे के दिन नकारात्मक बातों पर चर्चा, किसी से झगड़ा या कलह करना अशुभ माना जाता है। इसी प्रकार इस पवित्र दिन पर व्यर्थ की चीजों को नष्ट करना या किसी वस्तु को तोड़ना भी उचित नहीं माना जाता।

दूसरी ओर, दशहरे पर कई शुभ कार्य किए जाते हैं जिनका महत्व धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से माना जाता है। इस दिन नई शुरुआत करना, पढ़ाई-लिखाई शुरू करना और घर में नई वस्तुएं लाना शुभ माना जाता है। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना, दान-पुण्य करना और पूजा-पाठ में भाग लेना भी इस त्योहार की परंपरा का अभिन्न अंग है।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए दशहरे को मनाने से परिवार में सकारात्मकता और खुशहाली का संचार होता है। इन परंपरागत नियमों का पालन करते हुए यह त्योहार अधिक सार्थक और लाभकारी बन जाता है।