LSN News › India

Business · India Bureau

आर्थिक न्याय पर आधारित हो देश की वृद्धि: प्रो. शंमुगसुंदरम

देश की आर्थिक प्रगति को सामाजिक न्याय और समानता के आधार पर निर्मित होना चाहिए। प्रोफेसर शंमुगसुंदरम ने कहा कि केवल सांख्यिकीय वृद्धि पर्याप्त नहीं है।

LSN India · 16 September 2026

आर्थिक न्याय पर आधारित हो देश की वृद्धि: प्रो. शंमुगसुंदरम

देश के विकास के लिए आर्थिक न्याय को केंद्रीय भूमिका निभानी चाहिए। इस विचार को रेखांकित करते हुए प्रोफेसर शंमुगसुंदरम ने कहा कि राष्ट्रीय प्रगति का आकलन केवल सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों से नहीं किया जाना चाहिए।

प्रोफेसर ने जोर दिया कि आर्थिक विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुंचना आवश्यक है। उनके अनुसार, असमान आय वितरण और संसाधनों तक असमान पहुंच दीर्घकालीन सामाजिक स्थिरता को प्रभावित करती है।

उन्होंने बताया कि आर्थिक न्याय की नींद पर ही एक समावेशी और टिकाऊ विकास मॉडल खड़ा किया जा सकता है। ऐसी नीतियों की आवश्यकता है जो गरीबी उन्मूलन, शिक्षा और स्वास्थ्यसेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित करें।

प्रोफेसर शंमुगसुंदरम का मानना है कि वर्तमान समय में सामाजिक कल्याण और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन बनाना राष्ट्रीय नीति का प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।