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दिवालियापन कार्यवाही में अनियमितताओं की जांच बढ़ाई ईडी

प्रवर्तन निदेशालय दिवालियापन और ऋणशोधन में असमर्थता संहिता की कार्यवाही में संभावित अनियमितताओं की व्यापक जांच कर रहा है। 2016 में अधिनियमित यह संहिता कंपनियों के दिवालियापन समाधान के लिए समय-बद्ध ढांचा प्रदान करती है।

LSN India · 17 September 2026

दिवालियापन कार्यवाही में अनियमितताओं की जांच बढ़ाई ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दिवालियापन और ऋणशोधन में असमर्थता संहिता (आईबीसी) की कार्यवाही में संभावित अनियमितताओं की अपनी जांच का दायरा बढ़ा रहा है। यह कदम संकटग्रस्त कंपनियों के समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत उठाया जा रहा है।

वर्ष 2016 में अधिनियमित आईबीसी एक समय-बद्ध ढांचा प्रदान करती है जिसका उद्देश्य दिवालिया कंपनियों के समाधान में तेजी लाना और उनकी संपत्तियों का अधिकतम मूल्य प्राप्त करना है। यह संहिता देनदारों, लेनदारों और अन्य हितधारकों के हितों को संतुलित करने के लिए तैयार की गई थी।

ईडी की बढ़ी हुई जांच से संकेत मिलता है कि आईबीसी कार्यवाही में नियामक कमजोरियों और संभावित उल्लंघनों की आशंकाएं उठी हैं। प्रवर्तन निदेशालय यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि दिवालियापन प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।

यह विकास दिवालियापन प्रणाली की निगरानी और सुधार में सरकारी एजेंसियों की बढ़ती सतर्कता को दर्शाता है। ईडी की व्यापक जांच से आईबीसी ढांचे की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता में सुधार आने की संभावना है।