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पंजाब CMO मामले में ED की जांच; संवैधानिक सवाल उठे
प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के डीजीपी को GMADA भूमि आवंटन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में तीन पत्र भेजे हैं। पत्रों में मुख्यमंत्री कार्यालय से संबद्ध एक संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क का आरोप लगाया गया है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को एक महत्वपूर्ण मामले में तीन पत्र भेजे हैं, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय की संलिप्तता का सवाल उठा है। ये पत्र ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के भूमि आवंटन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान जब्त की गई सामग्री पर आधारित बताए गए हैं।
ED के पत्रों में मुख्यमंत्री कार्यालय से संबंधित एक संगठित भ्रष्टाचार नेटवर्क का आरोप लगाया गया है। यह जांच GMADA से संबंधित संपत्ति लेनदेन में अनियमितताओं को लेकर शुरू की गई थी। निदेशालय के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों से उच्च स्तरीय अधिकारियों की भागीदारी का संकेत मिलता है।
इस मामले में राजनीतिक और संवैधानिक सवाल उठे हैं। सत्तारूढ़ दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए विवाद कर रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई के रूप में देख रहा है। कानूनी विशेषज्ञ इस मामले के संवैधानिक निहितार्थों पर विचार कर रहे हैं।
पंजाब सरकार अभी तक इस जांच पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। ED की जांच चल रही है और आने वाले दिनों में नए तथ्य सामने आने की संभावना है।