Politics · India Bureau
बेंगलुरु अदालत ने KPSC अध्यक्ष को ED की हिरासत में सौंपा
कर्नाटक लोक सेवा आयोग के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकर और आयोग सदस्य बी वी गीता को बुधवार को बेंगलुरु की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया। यह निर्णय 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में हेरफेर के संबंध में चलाई जा रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है।
LSN India ·

बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने बुधवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस साहूकर और आयोग की सदस्य बी वी गीता को 19 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में रहने का आदेश दिया। यह कदम 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में कथित हेरफेर से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उठाया गया है।
ED द्वारा दायर की गई याचिका में आरोपितों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय को हिरासत अनुमति देते हुए अदालत ने माना कि जांच के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है। आयोग में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठाई गई आपत्तियों के बीच यह कार्रवाई की गई है, जिसमें काबिलियत की अनदेखी करते हुए चयन किए जाने का आरोप लगाया गया था।
शिवशंकरप्पा एस साहूकर को पहले ही KPSC के अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया था जब मामले की गंभीरता का पता चला। जांच में यह भी सामने आया कि आर्थिक लाभ के लिए भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं की गई थीं, जिससे सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंचा।
ED द्वारा चलाई जा रही इस जांच का उद्देश्य संदिग्ध धन के स्रोतों का पता लगाना और इस घोटाले में शामिल सभी पक्षों की भूमिका को स्पष्ट करना है। अदालत ने ED को अगली सुनवाई से पहले 19 अक्टूबर तक आरोपितों की हिरासत अनुमति दी है।