LSN News › India

Business · India Bureau

अंडों की कीमतों में तेजी, ई20 ईंधन नीति से जुड़ा असर

राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति के अनुसार, पिछले साल अंडों की कीमत में 35-40 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। खुदरा बाजार में अंडे की कीमत 8.50 से 9 रुपये प्रति अंडा तक पहुंच गई है।

LSN India · 27 August 2026

अंडों की कीमतों में लगातार वृद्धि घरेलू उपभोक्ताओं के बजट को प्रभावित कर रही है। राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति (एनईसीसी) ने पिछले एक साल में अंडों की कीमतों में 35-40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। खेत से निकलने वाली कीमत अब 7 रुपये प्रति अंडे के करीब पहुंच गई है, जबकि खुदरा बाजारों में यह कीमत 8.50 से 9 रुपये तक रहती है।

इस कीमत वृद्धि के पीछे अनाज, विशेषकर मकई की कीमतों में इजाफा प्रमुख कारण माना जा रहा है। सरकार की ई20 ईंधन नीति के कारण मकई की मांग बढ़ने से इसकी कीमतें प्रभावित हुई हैं। चूंकि मुर्गियों के चारे में मकई एक महत्वपूर्ण घटक है, इसकी कीमत में वृद्धि सीधे अंडा उत्पादन की लागत को बढ़ाती है।

अंडे की महंगाई उपभोक्ताओं, विशेषकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गई है। प्रोटीन का सस्ता और सुलभ स्रोत माने जाने वाले अंडे की बढ़ती कीमत से खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रश्न उठ रहे हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अनाज की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, अंडों की कीमत में कोई राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है।