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यमन के हमलों के बीच सऊदी की सुरक्षा के लिए मिस्र को मंजूरी
मिस्र की संसद ने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को सऊदी अरब की सैन्य सहायता प्रदान करने का अधिकार दे दिया है। यह कदम हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव को रेखांकित करता है।
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मिस्र की संसद ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को सऊदी अरब की सैन्य सहायता करने की स्वीकृति प्रदान की है। संसद की इस मंजूरी के तहत मिस्र के सशस्त्र बल सऊदी राज्य की रक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।
राष्ट्रपति अल-सिसी ने संसद में यह प्रस्ताव रखा था कि मिस्र को अपने खाड़ी सहयोगी और विश्व के प्रमुख तेल निर्यातक देश सऊदी अरब की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। संसद ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया है।
यह निर्णय यमन स्थित हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के बीच लिया गया है। हूती गुट हाल के महीनों में सऊदी क्षेत्र पर ड्रोन और मिसाइल हमले करते रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
मिस्र और सऊदी अरब के बीच यह सहयोग खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देश न केवल सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।