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23 महीने वेंटिलेटर पर रहे बच्चे को घर लौटाते माता-पिता की खुशी
रोहतक के PGIMS अस्पताल से आठ साल का एक बच्चा लगभग दो वर्ष की लंबी चिकित्सा यात्रा के बाद स्वस्थ होकर घर वापस लौटा। इस दौरान उसके माता-पिता ने असाधारण समर्पण प्रदर्शित करते हुए अपने परिवार के सदस्य को जीवन की राह पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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पंजाब के रोहतक स्थित PGIMS अस्पताल से एक आठ वर्षीय बालक को लगभग 23 महीने की लंबी वेंटिलेटर सहायता के बाद घर भेजा गया है। इस दौरान बच्चा 100 प्रतिशत ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहा। अस्पताल से बाहर निकलते समय परिवार के सदस्यों की आंखों में खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े।
बच्चे के इलाज के दौरान उसके पिता ने अपना टैक्सी चालन का काम पूरी तरह छोड़ दिया ताकि वे अपने बेटे की देखभाल पर पूरा ध्यान दे सकें। माता-पिता की निरंतर मेहनत और समर्पण ही इस दीर्घ चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान बच्चे के अस्तित्व का कारण बनी।
बच्चे की माता लगभग पूरे दो वर्षों तक अस्पताल में उसके साथ रहीं और उसकी निरंतर देखभाल करती रहीं। परिवार के इस कठिन दौर में माता-पिता के दृढ़ निश्चय और चिकित्सकों की प्रमाणिक देखभाल के कारण बच्चे की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आया।
इस मामले में PGIMS के चिकित्सा दल ने बताया कि दीर्घकालिक वेंटिलेटर सहायता की आवश्यकता वाले मरीजों की देखभाल के लिए माता-पिता की भावनात्मक और शारीरिक समर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस परिवार का मामला चिकित्सा विज्ञान में आशा और लचीलेपन का एक सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।