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एल नीनो से पूर्वी प्रशांत में चक्रवातों की गतिविधि रिकॉर्ड स्तर पर
एल नीनो जलवायु परिस्थिति के कारण पूर्वी प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में चक्रवातीय ऊर्जा 1950 के बाद से सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है। वर्ष 2026 में पहले से ही पिछले सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं।
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पूर्वी प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में चक्रवातीय गतिविधि का स्तर असाधारण रूप से बढ़ गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, एल नीनो नामक जलवायु परिघटना इस वृद्धि का प्रमुख कारण है। संचित चक्रवातीय ऊर्जा के मापदंड के अनुसार, यह आंकड़ा 1950 के आरंभ से लेकर आज तक का सर्वोच्च रिकॉर्ड है।
2026 का वर्ष पहले से ही इतिहास रचने के लिए तैयार दिख रहा है। इस वर्ष में संचित चक्रवातीय ऊर्जा के स्तर ने पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। विशेषज्ञ इस असामान्य वृद्धि को एल नीनो के प्रभाव से जोड़ रहे हैं, जो महासागर के तापमान में परिवर्तन से संबंधित है।
एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु चक्र है जो प्रशांत महासागर में गर्म जल के असामान्य प्रवाह से उत्पन्न होता है। यह परिस्थिति वैश्विक मौसम पैटर्न को प्रभावित करती है और चक्रवात गतिविधि को तीव्र करती है। पूर्वी प्रशांत क्षेत्र इसके प्रभाव के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है।
चक्रवातीय ऊर्जा में यह वृद्धि तटीय क्षेत्रों और मानव समुदायों के लिए संभावित जोखिम का संकेत दे सकती है। मजबूत और अधिक बार आने वाले चक्रवात बड़े पैमाने पर नुकसान का कारण बन सकते हैं। मौसम विज्ञानी और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसियां इस स्थिति के प्रति सचेत हैं और आने वाले महीनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रही हैं।