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दिसंबर में अल-नीनो से सामान्य से अधिक गर्मी की संभावना
अल-नीनो प्रभाव दिसंबर में अपने चरम स्तर तक पहुंचने की आशंका है, जिससे प्रशांत महासागर का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर जा सकता है। इससे वैश्विक स्तर पर तापमान वृद्धि, वर्षा पैटर्न में विसंगति और सूखा-बाढ़ का खतरा बढ़ने की संभावना है।
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जलवायु विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार अल-नीनो प्रभाव आने वाले महीनों में अपनी सर्वाधिक तीव्रता पर पहुंच सकता है। प्रशांत महासागर के जल तापमान में असामान्य वृद्धि इस प्राकृतिक जलवायु घटना की विशेषता है, जिसका प्रभाव विश्वव्यापी मौसम प्रणालियों पर पड़ता है।
दिसंबर माह में अल-नीनो की तीव्रता सर्वकालिक उच्च स्तर को छू सकती है। इस अवधि में प्रशांत महासागर का जल तापमान पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नई ऊंचाई प्राप्त कर सकता है, जिससे वैश्विक जलवायु प्रणाली में व्यापक परिवर्तन आने की संभावना है।
इस घटना के दूरगामी प्रभाव विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महसूस होने की आशंका है। सामान्य तापमान में वृद्धि, वर्षा के पारंपरिक पैटर्न में बदलाव और मौसमी चक्र में विचलन के कारण कई इलाकों में सूखे और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
कृषि, जल संसाधन और खाद्य उत्पादन पर इसके नकारात्मक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है। विभिन्न देशों की मौसम संबंधी एजेंसियां इस स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर रही हैं।