World · India Bureau
एल नीनो से भारत के मानसून पर असर, वैश्विक वर्षा पैटर्न प्रभावित
एल नीनो के कारण 2026 में भारत के मानसून की वर्षा में कमी आई है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, एशिया और अमेरिका में इसके प्रभाव अलग-अलग हैं।
LSN India ·

प्रशांत महासागरीय जलवायु घटना एल नीनो ने विश्व भर में वर्षा के पैटर्न को प्रभावित किया है। भारत इस प्रभाव का सबसे स्पष्ट उदाहरण है, जहां 2026 में मानसून की वर्षा में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह स्थिति कृषि और जल संसाधन प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एल नीनो का प्रभाव असंगत रहा है। जहां भारत में वर्षा में कमी आई है, वहीं अन्य एशियाई क्षेत्रों में वर्षा के पैटर्न में विविधता देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया में भी जलवायु परिस्थितियां एल नीनो से प्रभावित हुई हैं, लेकिन प्रभाव की तीव्रता अलग-अलग है।
अमेरिकी महाद्वेश पर एल नीनो का असर भी महत्वपूर्ण रहा है, हालांकि वह भारतीय मानसून से भिन्न है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह जलवायु घटना आने वाले महीनों में भी वर्षा को प्रभावित कर सकती है।
एल नीनो की यह घटना दर्शाती है कि जलवायु परिवर्तन किस प्रकार क्षेत्रीय मौसम पैटर्न को प्रभावित करता है। विभिन्न क्षेत्रों में इसके भिन्न-भिन्न प्रभाव कृषि नीति और आपातकालीन प्रबंधन की रणनीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।