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एल नीनो प्रभाव बढ़ेगा, दिसंबर तक शिखर पर पहुंचेगा: डब्ल्यूएमओ
विश्व मौसम संगठन की चेतावनी के अनुसार एल नीनो तेजी से मजबूत हो रहा है और फरवरी 2027 तक बने रहने की संभावना लगभग सौ प्रतिशत है। भारत में गर्मी, सूखे और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
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विश्व मौसम संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने चेतावनी दी है कि एल नीनो जलवायु घटना तेजी से शक्तिशाली हो रही है। संगठन के अनुसार, यह मौसम पैटर्न दिसंबर में अपने चरम पर पहुंचने से पहले और भी मजबूत होगा। इसका असर भारत सहित दक्षिण एशिया के बड़े क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है।
डब्ल्यूएमओ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार एल नीनो 2027 के फरवरी माह तक बने रहने की संभावना लगभग सौ प्रतिशत है। यह लंबे समय तक चलने वाली इस जलवायु घटना के चलते भारत में असामान्य तापमान, सूखे की स्थिति और कृषि पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि एल नीनो की मजबूती का संकेत है।
एल नीनो की इस तीव्रता से भारत के विभिन्न हिस्सों में मानसून प्रभावित हो सकता है, जिससे कृषि उपज में कमी आ सकती है। साथ ही, बढ़ती गर्मी से जलापूर्ति और विद्युत उत्पादन पर भी दबाव बढ़ेगा। पर्यावरण विशेषज्ञ पहले से ही इस वैश्विक मौसम घटना के दीर्घकालीन प्रभावों को लेकर चिंतित हैं।
डब्ल्यूएमओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत के अलावा पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र को एल नीनो के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। सरकारी एजेंसियों और कृषि विभागों को इस परिस्थिति के लिए तैयारी करने की जरूरत है ताकि नुकसान को कम से कम किया जा सके।