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एल नीनो से भारत की चीनी आपूर्ति को खतरा, कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर
भारतीय चीनी उत्पादन में गिरावट के आसार हैं क्योंकि एल नीनो जलवायु परिघटना देश को प्रभावित कर रही है। वर्ष 2026-27 में चीनी उत्पादन 29 से 31 मिलियन टन के बीच रहने का अनुमान है।
LSN India ·
भारतीय चीनी उद्योग को आने वाले मौसम में एल नीनो के कारण गंभीर चुनौटियों का सामना करना पड़ सकता है। जलवायु परिवर्तन की इस घटना से देश की चीनी आपूर्ति प्रभावित होने के संकेत मिल रहे हैं। व्यापारियों, विश्लेषकों और चीनी मिलों के एक सर्वेक्षण में सितंबर 2027 तक की अवधि में भारत का सकल चीनी उत्पादन 29 मिलियन टन से 31 मिलियन टन के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।
एल नीनो प्रभाव के कारण देश के प्रमुख चीनी उत्पादक क्षेत्रों में वर्षा की कमी हो सकती है। यह स्थिति गन्ने की पैदावार को सीधे प्रभावित कर सकती है और उत्पादन में कमी ला सकती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें पहले से ही रिकॉर्ड स्तर के करीब हैं।
चीनी की सीमित आपूर्ति से वैश्विक कीमतों में और भी वृद्धि हो सकती है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है और यहां की किसी भी उत्पादन में कमी का प्रभाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।
जलवायु विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि एल नीनो की वजह से भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम पूर्वानुमान से भिन्न हो सकता है। इसके मद्देनजर कृषि उत्पादन पर ध्यान देने की जरूरत है।