World · India Bureau
भारत में भगदड़ की घटनाओं में बुजुर्ग सबसे अधिक असुरक्षित, 29% मौतें
पिछले एक दशक में भारत में भगदड़ से होने वाली मौतों में बुजुर्गों की हिस्सेदारी सर्वाधिक है। धार्मिक आयोजन ऐसी घटनाओं का प्रमुख कारण बने हुए हैं।
LSN India ·

भारत में भगदड़ की घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि पिछले दस वर्षों में ऐसी दुर्घटनाओं में बुजुर्गों की मृत्यु दर सबसे अधिक रही है। उम्रदराज लोग इन त्रासदियों का शिकार बनने वाली सबसे कमजोर आबादी साबित हुए हैं और कुल मौतों का लगभग 29 प्रतिशत हिस्सा उन्हीं का है।
डेटा से संकेत मिलता है कि धार्मिक सभाओं और मेलों में भगदड़ की घटनाएं होती रहती हैं। ये आयोजन अक्सर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण एक गंभीर चुनौती बन जाती है। ऐसे धार्मिक स्थलों पर होने वाली भगदड़ की घटनाएं लोगों की जान के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हुई हैं।
वृद्ध लोगों के लिए भीड़ में संतुलन बनाना और तेजी से आगे बढ़ना मुश्किल होता है। शारीरिक क्षमता में कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वे भगदड़ की परिस्थितियों में अधिक असुरक्षित रहते हैं। यह चिंताजनक प्रवृत्ति बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए बेहतर उपाय अपनाने की जरूरत को रेखांकित करती है।
सरकार और स्थानीय प्रशासन को ऐसी भीड़-भाड़ वाली घटनाओं में उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। विशेषकर बुजुर्गों के लिए अलग से सुविधाएं और निकासी मार्गों का प्रबंध करना आवश्यक है ताकि इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके।