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निर्वाचन आयोग का बयान: मतदाता सूची से हटाना गलत घोषणा नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट में निर्वाचन आयोग ने कहा कि फॉर्म 6 के तहत मतदाताओं को मसौदा मतदाता सूची से हटाना झूठी घोषणा नहीं है। यह मामला संता क्रूज़ के एक परिवार से जुड़ा है जिसके सात सदस्य पते में बदलाव के कारण सूची से निकाले गए थे।
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बॉम्बे हाईकोर्ट में निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण रुख अपनाते हुए कहा है कि फॉर्म 6 के माध्यम से मतदाता सूची से किसी का नाम हटाना गलत या झूठी घोषणा नहीं माना जा सकता। यह टिप्पणी सांविधानिक तंत्र और मतदान प्रक्रिया से संबंधित एक विवाद के बीच आई है।
अदालत के समक्ष संता क्रूज़ के एक परिवार की याचिका सुनवाई हो रही है। इस परिवार के सात सदस्यों को मसौदा मतदाता सूची से निकाल दिया गया था। परिवार का आरोप था कि उन्हें केवल अपने पते में बदलाव के कारण सूची से हटाया गया था, जो एक प्रशासनिक कार्रवाई थी।
फॉर्म 6 का उपयोग मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया के लिए किया जाता है। निर्वाचन आयोग का तर्क है कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत लिए गए निर्णय नियमित प्रशासनिक कार्यवाही का हिस्सा हैं और इन्हें किसी भी तरह की गलत या भ्रामक घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता।
यह मामला मतदाता अधिकारों और निर्वाचन आयोग की शक्तियों के बीच संतुलन से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों को उजागर करता है। अदालत इस विवाद का समाधान करते हुए मतदाता संरक्षण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं दोनों पर विचार कर रही है।