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चुनाव आयोग का पुनः नामांकन अभियान पश्चिम बंगाल के लंबित मामलों को छोड़ेगा
चुनाव आयोग एसआईआर के बाद पश्चिम बंगाल में अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष लंबित मामलों को पुनः नामांकन अभियान में शामिल नहीं करेगा। इससे नामांकन की दो अलग-अलग प्रक्रियाएं बनने की संभावना है।
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चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि विशेष निरीक्षण रिपोर्ट (एसआईआर) के बाद चलने वाले पुनः नामांकन अभियान में पश्चिम बंगाल के उन मामलों को शामिल नहीं किया जाएगा जो वर्तमान में अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष लंबित हैं। आयोग के एक अधिकारी के अनुसार यह निर्णय दो समानांतर पुनः नामांकन मार्गों की स्थिति को जन्म दे सकता है।
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो मामले न्यायिक स्तर पर विचाराधीन हैं, उनके संबंध में चुनाव आयोग की तरफ से सीधी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसका अर्थ यह है कि पहली प्रक्रिया के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण के माध्यम से निवारण मांगा जा सकेगा, जबकि दूसरी प्रक्रिया में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को फॉर्म 6 आवेदन प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
इस दोहरी व्यवस्था से मतदाता सूचियों में संभावित असंगतियों की चिंता व्यक्त की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति से निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।
चुनाव आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि न्यायिक निर्णय के बाद ही इन लंबित मामलों में कोई अंतिम कदम उठाया जाएगा। इस बीच, पश्चिम बंगाल की चुनावी तैयारियां सामान्य गति से आगे बढ़ती रहेंगी।