World · India Bureau
8वें वेतन आयोग में 140% वृद्धि की मांग, 7वें में मिली थी 14.3% बढ़ोतरी
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है जिससे न्यूनतम वेतन में 140 प्रतिशत की वृद्धि संभव हो सकती है। जानिए कि 7वें वेतन आयोग की 14.3 प्रतिशत वास्तविक बढ़ोतरी के मुकाबले यह दावा कितना यथार्थवादी है।
LSN India ·

8वें वेतन आयोग की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने वेतन संरचना में महत्वपूर्ण सुधार के लिए 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है। इस गणना के अनुसार न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है, जो औपचारिक रूप से 140 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
यह प्रस्ताव पिछले 7वें वेतन आयोग में मिली 14.3 प्रतिशत वास्तविक वेतन बढ़ोतरी से काफी अधिक है। इस बड़े अंतर को समझने के लिए वेतन संरचना की गणना पद्धति को जानना आवश्यक है। फिटमेंट फैक्टर एक गुणक होता है जो न्यूनतम वेतन को बढ़ाने के लिए लागू किया जाता है और यह पूरी वेतन श्रेणी को प्रभावित करता है।
7वें वेतन आयोग के समय 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जबकि कर्मचारी संगठन अब 3.833 की मांग कर रहे हैं। यह अधिक प्रस्ताव महंगाई सूचकांक में वृद्धि, रहन-सहन की बढ़ती लागत और भारतीय अर्थव्यवस्था में हुए विकास को ध्यान में रखते हुए रखा गया है।
8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें इन प्रस्तावों से कितनी भिन्न होंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आयोग को न केवल कर्मचारी हितों बल्कि सरकार के वित्तीय संसाधनों और राजकोषीय जिम्मेदारियों को भी संतुलित करना होगा। आने वाले महीनों में आयोग की रिपोर्ट में इस संतुलन की झलक मिलेगी।