Business · India Bureau
तेल को छोड़ दें तो जून तिमाही की कमाई की कहानी बदल जाती है
जेएम फाइनेंशियल के विश्लेषण के अनुसार, तेल क्षेत्र को छोड़कर देखें तो भारतीय कॉर्पोरेट मुनाफे की वृद्धि की तस्वीर पूरी तरह उलट जाती है। इसके बावजूद विश्लेषकों ने आने वाली तिमाहियों के लिए अपने अनुमानों में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किए हैं।
LSN India ·

भारतीय शेयर बाजार के शीर्ष सूचकांक निफ्टी की कमाई की वृद्धि जून तिमाही में बेहतर प्रदर्शन करती दिख रही है, लेकिन तेल और गैस क्षेत्र के योगदान को हटा दिया जाए तो परिस्थितियां काफी अलग नजर आती हैं। जेएम फाइनेंशियल के विश्लेषकों के अनुसार, यह वास्तविकता कुल मुनाफे में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
इस तिमाही में बेहद सकारात्मक नतीजों के बावजूद विश्लेषकों ने अपने आने वाले अनुमानों में बहुत कम बदलाव किए हैं। वित्त वर्ष 2027 के लिए निफ्टी की प्रति शेयर कमाई के अनुमान में मात्र 0.4 प्रतिशत की कमी की गई है, जबकि अगले साल के लिए केवल 0.3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
यह सूक्ष्म दृष्टिकोण संकेत करता है कि बाजार विश्लेषकों को इस अच्छे प्रदर्शन को क्षणिक माना जा रहा है। तेल क्षेत्र के बाहर की मूल कमाई में वास्तविक सुधार सीमित प्रतीत हो रहा है, जिससे दीर्घकालिक विकास की गति धीमी बनी हुई है।
शेयर बाजार विश्लेषकों के इस रुख से स्पष्ट होता है कि एक अच्छी तिमाही के बावजूद निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने के लिए आने वाली तिमाहियों में लगातार सुधार दिखना आवश्यक है। तेल की अस्थिर कीमतों पर निर्भरता को कम करते हुए असली व्यावसायिक वृद्धि को मजबूत करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।