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इंग्लैंड के जंगल में बीवर ने बदली तस्वीर, एक साल में गीली जमीन का निर्माण
डोर्सेट में पुनः लाए गए बीवर ने एक साल में ही वनस्पति क्षेत्र को समृद्ध आर्द्रभूमि में रूपांतरित कर दिया है। इन जानवरों ने अपने बांधों के माध्यम से पानी के प्रवाह को धीमा किया है और बाढ़ नियंत्रण में भी मदद दी है।
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इंग्लैंड के डोर्सेट जिले में 2025 में छोड़े गए बीवर ने कुदरत की शक्ति का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है। महज एक साल के भीतर, इन जानवरों ने अपने बांध-निर्माण कार्य के माध्यम से स्थानीय वनस्पति क्षेत्र को एक समृद्ध आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र में तब्दील कर दिया है।
बीवर द्वारा निर्मित बांधों ने जलप्रवाह को काफी हद तक धीमा किया है, जिससे गहरे जल पूल का निर्माण हुआ है। ये जलस्रोत पर्बेक क्षेत्र में स्थानीय वन्यजीव के लिए आदर्श आवास बनाए हैं। मछलियों से लेकर अन्य जलीय प्रजातियों तक, कई देशी प्रजातियां इस नई परिस्थिति में लौटकर आई हैं।
इस परियोजना का एक अप्रत्याशित लाभ यह निकला है कि बीवर के बांध भारी वर्षा के दौरान निकटवर्ती सड़कों पर होने वाली बाढ़ को कम करने में सहायक साबित हुए हैं। प्राकृतिक जल संचयन प्रणाली के रूप में, ये बांध पर्यावरणीय लचीलेपन का एक व्यावहारिक उदाहरण हैं।
यह सफलता दर्शाती है कि कैसे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को उनके मूल निवासियों के साथ पुनः जोड़ने से प्रकृति स्वयं को कैसे पुनर्जीवित कर सकती है। डोर्सेट के इस बीवर पुनर्परिचय कार्यक्रम ने साबित किया है कि प्रकृति के साथ सहजीवन ही दीर्घकालीन पर्यावरणीय समाधान की कुंजी है।