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ईपीएफ से पांच साल से पहले निकासी पर टीडीएस छूट के नियम बदले
कर्मचारी भविष्य निधि से समय से पहले पैसे निकालने वालों को अब फॉर्म 121 में नई जानकारी देनी होगी। सेवा अवधि, निकासी राशि और अनुमानित वार्षिक आय की जांच करके ही टीडीएस छूट के लिए आवेदन करें।
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कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से पांच साल से पहले निकासी के समय टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) से संबंधित नियमों में बदलाव किया गया है। सदस्यों को अब फॉर्म 121 में टीडीएस छूट के दावे के लिए नई घोषणा प्रक्रिया का पालन करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत ईपीएफ खातेधारकों को अपनी सेवा अवधि की सावधानीपूर्वक जांच करनी चाहिए। साथ ही निकासी की राशि और वित्तीय वर्ष के दौरान अनुमानित वार्षिक आय का भी सही विवरण प्रदान करना आवश्यक है। यह जानकारी टीडीएस छूट के लिए योग्यता निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि सदस्यों को नई घोषणा प्रक्रिया को समझने के बाद ही फॉर्म 121 जमा करना चाहिए। गलत या अधूरी जानकारी प्रदान करने से टीडीएस छूट से वंचित होने का खतरा रहता है। इसलिए निकासी से पहले सभी आवश्यक विवरणों की पुष्टि कर लेना आवश्यक है।
यह परिवर्तन पेंशन निधि को विनियमित करने वाले प्राधिकारियों द्वारा किया गया है ताकि कर संग्रहण प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित किया जा सके। पात्र सदस्यों के लिए छूट का लाभ सुनिश्चित करते हुए साथ ही कर अनुपालन भी मजबूत हो सके।