Technology · India Bureau
स्टार्टअप के ESOP की कीमत कागज पर 20 लाख, असली पैसा कब मिलेगा?
कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन (ESOP) की सैद्धांतिक कीमत और वास्तविक नकदी राशि में बड़ा अंतर है। किसी भी तरह की लिक्विडिटी घटना के बिना यह राशि केवल कागज पर ही रहती है।
LSN India ·
स्टार्टअप में काम करने वाले कर्मचारियों को दिए जाने वाले इक्विटी शेयर आमतौर पर बहुत आकर्षक दिखते हैं, लेकिन इनकी वास्तविक कीमत पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। जब किसी कर्मचारी के पास 20 लाख रुपये मूल्य के ESOP हों, तो भी यह धन सीधे उनके बैंक खाते में नहीं जाता। यह एक सैद्धांतिक आंकड़ा है जो कंपनी के वर्तमान मूल्यांकन पर आधारित होता है।
ESOPs की असली कीमत तभी सामने आती है जब कंपनी किसी तरह की लिक्विडिटी घटना का सामना करती है। इसमें कंपनी का सार्वजनिक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना (IPO) या किसी बड़ी कंपनी द्वारा उसका अधिग्रहण शामिल है। जब तक ऐसा कुछ नहीं होता, तब तक ESOP की सैद्धांतिक कीमत केवल कागज पर ही रहती है।
नए कर्मचारियों को यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि ESOP उनके निवेश का एक दीर्घकालीन हिस्सा है। कई स्टार्टअप कर्मचारियों को वेस्टिंग अवधि (आमतौर पर 4 साल) के दौरान शेयर धीरे-धीरे प्रदान करते हैं। इस अवधि के दौरान भी, जब तक कंपनी बेची न जाए या सूचीबद्ध न हो, उन शेयरों को नकद में बदलना संभव नहीं होता है।
इस कारण ESOP को वेतन का अतिरिक्त प्रोत्साहन माना जाता है, न कि तुरंत नकद राशि। कर्मचारियों को अपने स्टार्टअप विकल्प की वास्तविकता को समझते हुए आर्थिक योजना बनानी चाहिए और यह मानना चाहिए कि यह लाभ अनिश्चित और दूरस्थ हो सकता है।