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ब्राजील में यूकेलिप्टस खेती से भूजल स्तर में 4.5 मीटर की गिरावट
ब्राजील में पल्प उद्योग के लिए लगाए गए यूकेलिप्टस के पेड़ों ने 45 वर्षों में भूजल संरक्षण को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। अध्ययन में क्षेत्र के भूजल स्तर में चिंताजनक गिरावट देखी गई है।
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ब्राजील में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि पल्प उद्योग के लिए लगाए गए यूकेलिप्टस वृक्षारोपण से क्षेत्र के भूजल संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। चार दशक से अधिक समय की अवधि में भूजल स्तर में 4.5 मीटर की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
यूकेलिप्टस के पेड़ों को उनकी तेजी से वृद्धि और व्यावसायिक महत्व के कारण पल्प और कागज उद्योग में व्यापक रूप से लगाया जाता है। हालांकि, ये पेड़ मिट्टी से अधिक मात्रा में जल सोखते हैं, जिससे भूजल संचयन में बाधा आती है। ब्राजील के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय जलभृत गहराई में काफी नीचे चली गई है।
यह अध्ययन बड़े पैमाने पर कृषि परियोजनाओं के पर्यावरणीय परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जल संसाधनों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए वृक्षारोपण नीतियों में संतुलन आवश्यक है।
भारत जैसे देशों के लिए यह मामला प्रासंगिक है जहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जलवायु, मिट्टी और स्थानीय जल संसाधनों को ध्यान में रखते हुए वृक्षारोपण योजनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि दीर्घकालिक पर्यावरणीय नुकसान से बचा जा सके।