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निर्यातकों की इनपुट क्रेडिट समस्या जीएसटी सुधारों से अनछुई रही
भारतीय निर्यातकों ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि वे आईजीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की पात्रता स्पष्ट करें। इसके अभाव में एडवांस ऑथराइजेशन और ईपीसीजी योजनाओं में चूक की नियमितता मुश्किल हो रही है।
LSN India ·

निर्यात क्षेत्र के हितधारक जीएसटी सुधारों में एक महत्वपूर्ण खामी की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। विशेषकर आईजीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की स्पष्ट परिभाषा न होने से निर्यातक समुदाय को गंभीर वित्तीय कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मौजूदा नियमों के तहत जब निर्यातक आईसीजीएट पोर्टल के माध्यम से चालान जमा करते हैं तो उन्हें इसी कर पर इनपुट क्रेडिट मिलना चाहिए। किंतु इसे लेकर स्पष्टता के अभाव में अनेक निर्यातकों के एडवांस ऑथराइजेशन और निर्यात प्रोत्साहन पूंजीगत वस्तु योजनाओं में तकनीकी खामियां दर्ज हो रही हैं।
निर्यातक संगठनों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि आईजीएसटी पर इनपुट क्रेडिट की सीधी पात्रता घोषित करे। वैकल्पिक रूप से, पूर्व मूल्यांकन तंत्र की स्थापना कर सकती है जिससे निर्यातकों की यह क्रेडिट संबंधी समस्या का समाधान हो सके और उन्हें अनावश्यक नियामक बाधाओं से मुक्ति मिल सके।
आयात-निर्यात क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यह संशोधन न केवल निर्यातकों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाएगा बल्कि भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धिता को भी मजबूत करेगा। सरकार से उम्मीद की जा रही है कि आगामी जीएसटी परिषद की बैठक में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जाएगी।