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त्वचा गोरी करने वाले उत्पादों का इस्तेमाल परिवार से प्रभावित होता है
अध्ययन से पता चलता है कि यदि परिवार के सदस्य रंगभेद आधारित सौंदर्य उत्पादों का उपयोग करते हैं तो अन्य सदस्यों के द्वारा भी इसकी संभावना बढ़ जाती है। सांस्कृतिक मानदंड और उत्पादों तक पहुंच इस प्रवृत्ति को मजबूत करते हैं।
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रंगभेद आधारित सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल परिवार के सदस्यों के बीच एक संक्रामक प्रवृत्ति है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यदि किसी का भाई-बहन या अन्य निकट संबंधी त्वचा गोरी करने वाले उत्पादों का उपयोग करते हैं, तो व्यक्ति के द्वारा भी इसका इस्तेमाल करने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।
यह प्रवृत्ति केवल व्यक्तिगत पसंद का मामला नहीं है, बल्कि पारिवारिक प्रभाव, सांस्कृतिक मानदंड और ऐसे उत्पादों तक आसान पहुंच के कारण गहरी जड़ें जमाती है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में रंगभेद की समस्या लंबे समय से व्याप्त है, जहां हल्की त्वचा को सामाजिक रूप से अधिक वांछनीय माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार में ऐसे उत्पादों की दृश्यमानता बढ़ने से युवा पीढ़ी पर प्रभाव पड़ता है। जब घर में माता-पिता या बड़े सदस्य इन उत्पादों का नियमित उपयोग करते हैं, तो यह सामाजिक मानदंड के रूप में स्थापित हो जाता है।
विशेषज्ञ इस समस्या से निपटने के लिए सांस्कृतिक जागरूकता और मीडिया में विविधता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दे रहे हैं। वे मानते हैं कि सभी त्वचा टोन को समान रूप से सुंदर माना जाना चाहिए और रंगभेद से जुड़े सामाजिक दबावों को चुनौती देना महत्वपूर्ण है।