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जर्मनी में दक्षिणपंथी दल को मजबूत समर्थन, नाजीवाद की चिंता बढ़ी
जर्मनी के पूर्वी राज्य सैक्सोनी-अनहाल्ट में हुए चुनावों में अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) को करीब 43.8 प्रतिशत वोट मिले। आर्थिक संकट और आप्रवास विरोधी भावना इस मजबूत प्रदर्शन के पीछे प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
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जर्मनी के सैक्सोनी-अनहाल्ट विधानसभा चुनावों में एएफडी ने अपनी शक्तिशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। दल को कुल 43.8 प्रतिशत मत प्राप्त हुए और उसने 83 सीटों में से 39 सीटें जीती हैं। यह प्रदर्शन जर्मनी में दक्षिणपंथी राजनीति के उभार का संकेत माना जा रहा है।
पूर्वी जर्मनी में एएफडी के बढ़ते समर्थन के पीछे कई अहम कारण हैं। क्षेत्र के आर्थिक विकास में पिछड़ापन, युवाओं का मुख्य शहरों की ओर पलायन, और नियंत्रित आप्रवास नीति को लेकर असंतोष मुख्य घटक माने जा रहे हैं। साथ ही, जर्मनी की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों से जनता में व्यापक निराशा भी दिखाई दे रही है।
एएफडी आव्रजन, शरणार्थी नीति, रूस-यूक्रेन संघर्ष और ऊर्जा नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जर्मनी की पिछली सरकारों से भिन्न रुख अपनाता है। इन विषयों पर पार्टी की कड़ी नीति उसे मुख्यधारा की राजनीति से अलग कर देती है।
एएफडी के इस मजबूत प्रदर्शन ने जर्मनी में ऐतिहासिक चिंताओं को फिर से जगाया है। नाजीवाद के पुनरागमन को लेकर विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक चिंतित दिख रहे हैं। आने वाले समय में देश की राजनीति किस दिशा में जाएगी, यह जर्मनी और पूरे यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण प्रश्न बना हुआ है।