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तेल ताड़ आयात शुल्क में कटौती वापस लें: किसान संगठन की केंद्र से मांग
आंध्र प्रदेश के किसान संगठन रित्तु संघम ने केंद्र सरकार से कच्चे तेल ताड़ के आयात शुल्क में की गई कटौती को वापस लेने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि इस निर्णय से तेल ताड़, मूंगफली और तिल उत्पादक किसानों को भारी नुकसान होगा।
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आंध्र प्रदेश के किसान संगठन रित्तु संघम ने सरकार के कच्चे तेल ताड़ के आयात शुल्क में की गई कटौती के खिलाफ मुखर विरोध जताया है। संगठन का कहना है कि आयात शुल्क को 16.5 प्रतिशत से घटाकर 11 प्रतिशत करने का निर्णय अन्यायपूर्ण है और इससे देशीय तेलसीड उत्पादकों के हित को नुकसान पहुंचेगा।
रित्तु संघम के अनुसार, इस शुल्क में कमी से आंध्र प्रदेश के तेल ताड़, मूंगफली और तिल उत्पादक किसानों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। विदेशी उत्पादों के सस्ते आयात से घरेलू बाजार में तेलसीड की कीमतें गिरेंगी, जिससे किसानों की आय में कमी आएगी।
किसान संगठन ने केंद्र सरकार से तेल ताड़ की गुठली के लिए न्यूनतम 25,000 रुपये प्रति टन की कीमत सुनिश्चित करने की भी मांग की है। संघम का मानना है कि यह कदम न केवल किसानों के लिए बल्कि देश की खाद्य तेल आत्मनिर्भरता के लिए भी हानिकारक है।
इस मुद्दे पर अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि सरकार शुल्क में कटौती को वापस नहीं लेती है, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।