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किसान संगठन व्यापार समझौतों के विरोध में दस लाख कार्यकर्ता तैनात करेंगे
भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में देशभर के सौ से अधिक मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से मिलकर मांगों का चार्टर सौंपा गया है। संगठन सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग कर रहा है।
LSN India ·
भारतीय किसान संगठन ने सरकार के विदेशी व्यापार नीति के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की घोषणा की है। संघर्षशील किसान समिति (एसकेएम) के प्रमुख नेताओं ने कहा है कि वे देश भर से दस लाख स्वयंसेवकों को जुटाएंगे ताकि व्यापार समझौतों के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जा सके।
एसकेएम की नेतृत्व टीम ने पिछले कुछ समय में देशभर में सौ से अधिक मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से मुलाकात की है। इन बैठकों में संगठन ने अपनी मांगों का विस्तृत चार्टर सौंपा है। इसमें सभी मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) को तत्काल रद्द करने की मांग प्रमुख है।
किसान संगठनों का कहना है कि ये व्यापार समझौते भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। विदेशी आयातों से स्थानीय किसानों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आय में कमी आ रही है। एसकेएम का मानना है कि इन समझौतों के कारण कृषि पर निर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। इस आंदोलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से किसान शामिल होंगे और एक समन्वित दबाव अभियान चलाया जाएगा।