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सयुक्त किसान मोर्चा ने रबी फसलों के एमएसपी को ठुकराया, संशोधन की मांग
सयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार द्वारा गेहूं के एमएसपी में दिए गए 25 रुपये प्रति क्विंटल के इजाफे को अस्वीकार कर दिया है। किसान संगठन का कहना है कि यह मामूली वृद्धि व्यावहारिक रूप से किसानों के लिए कोई मायने नहीं रखती।
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सयुक्त किसान मोर्चा ने रबी फसलों के लिए घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य को खारिज करते हुए सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। संगठन के बयान में कहा गया है कि गेहूं की कीमत में मात्र 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, जो प्रति किलोग्राम 25 पैसे के बराबर है, किसानों के हितों की रक्षा करने में नाकाफी है।
मोर्चा के विरोध का मुख्य बिंदु यह है कि सरकार द्वारा की गई यह छोटी सी वृद्धि डीजल के एक तिहाई लीटर की कीमत भी वहन नहीं कर सकती। संगठन ने सरकार की 106 प्रतिशत लाभ की घोषणा को भ्रामक बताया है, जो व्यावहारिक और वास्तविक परिस्थितियों से मेल नहीं खाती।
किसान संगठनों का तर्क है कि कृषि निविष्टियों की बढ़ती कीमतों, विशेषकर ईंधन और उर्वरकों के मामले में, सरकार द्वारा दिया गया एमएसपी बढ़ोतरी अधूरी है। इसके चलते किसानों की वास्तविक आय में कोई सार्थक सुधार नहीं हो रहा है।
सयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को अपनी स्थिति पुनः समीक्षा करने और किसानों की लागत तथा जीवन यापन की वर्तमान वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए एमएसपी में महत्वपूर्ण संशोधन करने का आह्वान किया है।