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विदेशी संपत्ति छुपाने वालों के लिए FAST-DS 2026 स्कीम से बचाव
केंद्र सरकार की नई एकबारगी घोषणा योजना पात्र करदाताओं को पूर्व में न बताई गई विदेशी संपत्ति को नियमित करने का मौका दे रही है। इस स्कीम के तहत निर्धारित कर या फीस का भुगतान कर करदाता काले धन कानून के तहत प्रतिरक्षा पा सकते हैं।
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भारत सरकार ने FAST-DS 2026 नामक एकबारगी घोषणा योजना शुरू की है जो करदाताओं को उनकी विदेशी संपत्ति संबंधी पूर्व गैर-प्रकटीकरण को वैध बनाने का अवसर प्रदान करती है। यह योजना विशेषकर उन व्यक्तियों के लिए बनाई गई है जिन्होंने अपनी विदेशी संपत्ति के बारे में आयकर रिटर्न में सूचना न दी हो।
इस स्कीम के अंतर्गत आने वाले करदाता एक निर्धारित कर राशि या फीस का भुगतान करके अपनी विदेशी संपत्ति को पंजीकृत करवा सकते हैं। इसके बाद वे काले धन निरोधक कानून, 2015 के तहत संरक्षण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना उन करदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है जो अपनी वित्तीय स्थिति को नियमित करना चाहते हैं किंतु कानूनी परिणामों से बचना चाहते हैं। योजना की अवधि निर्धारित है और इसके दायरे में केवल पात्र करदाता ही आते हैं।
इस सुविधा का लाभ उठाने के इच्छुक करदाताओं को निर्धारित समय सीमा में आयकर विभाग को आवेदन प्रस्तुत करना होगा। योजना का उद्देश्य करदाताओं को स्वैच्छिक अनुपालन के माध्यम से कर व्यवस्था में लाना है।