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उत्तर प्रदेश: अंतरजातीय विवाह के बाद पिता ने जीवित बेटी का पिंडदान किया
चंदौली जिले में एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया क्योंकि वह परिवार की इच्छा के विरुद्ध दूसरी बिरादरी के युवक से विवाह कर गई थी। बेटी तीन महीने पहले घर से चली गई और परिवार के समझाने के बाद भी नहीं लौटी।
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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया। यह कदम परिवार की सामाजिक मान्यताओं और अंतरजातीय विवाह को लेकर परिवार के आंतरिक द्वंद्व को दर्शाता है। घटना के अनुसार, बेटी लगभग तीन महीने पहले परिवार की स्वीकृति के बिना गांव की दूसरी बिरादरी के एक युवक के साथ घर से निकल गई थी।
पलायन के बाद बेटी ने उस युवक से विवाह कर लिया। इस घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने उसे वापस लाने के लिए कई प्रयास किए, किंतु बेटी अपने निर्णय पर अटल रही और परिवार के पास नहीं लौटी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परिवार को यह विवाह स्वीकार नहीं था।
पितृ विसर्जन के दिन पिता ने एक असामान्य और कानूनी रूप से संदिग्ध निर्णय लिया। परिवार के परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करते हुए, उन्होंने पिंडदान की प्रक्रिया को पूरा किया, जो मृतकों के लिए किया जाता है। यह घटना सामाजिक कुरीतियों और पारिवारिक नियंत्रण की गंभीर समस्या को उजागर करती है।
यह मामला भारत में जातिगत भेदभाव और अंतरजातीय विवाह से जुड़ी सामाजिक विद्रूपताओं पर प्रकाश डालता है। ऐसी घटनाएं संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को लेकर बड़े सवाल उठाती हैं और कानूनी प्रणाली में सुधार की मांग करती हैं।