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FCNR(B) योजना सुरक्षा कवच है, लेकिन चुकौती का खतरा: कोटक
बिजनेस स्टैंडर्ड BFSI इनसाइट समिट में उदय कोटक ने कहा कि FCNR(B) योजना भारत को अपनी व्यापक आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए तीन से पांच साल का समय दे गई है। साथ ही उन्होंने भविष्य की चुकौती संबंधी जोखिमों पर चिंता व्यक्त की।
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प्रमुख बैंकिंग अधिकारी उदय कोटक ने विदेशी मुद्रा गैर-निवासी जमा (FCNR(B)) योजना को भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बीमा पॉलिसी बताया है। बिजनेस स्टैंडर्ड BFSI इनसाइट समिट में उनके अनुसार यह योजना देश को अपनी व्यापक आर्थिक नींव को सुदृढ़ करने का मौका देती है।
कोटक के अनुसार FCNR(B) योजना ने भारत को तीन से पांच साल का महत्वपूर्ण समय सीमा प्रदान किया है। इस अवधि में भारत अपनी वित्तीय और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर काम कर सकता है। यह योजना विदेशों में रहने वाले भारतीयों से विदेशी मुद्रा में जमा आकर्षित करके देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुई है।
हालांकि कोटक ने भविष्य में इन जमाराशियों की चुकौती से जुड़े संभावित जोखिमों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उनके अनुसार आने वाले समय में जब इन विदेशी मुद्रा जमाओं को वापस करना हो, तो भारत की आर्थिक क्षमता पर दबाव आ सकता है। इसलिए यह आवश्यक है कि भारत इस अवधि का सदुपयोग करके अपनी आर्थिक आधारशिला को मजबूत बनाए।
बैंकिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार FCNR(B) योजना भारत के लिए अल्पकालीन समाधान तो है, लेकिन दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संरचनात्मक सुधार भी समान रूप से आवश्यक हैं।