Business · India Bureau
फिल्म इंडस्ट्री में दूरदर्शिता का अभाव: टिगमांशु ढूलिया की आलोचना
फिल्ममेकर टिगमांशु ढूलिया ने बताया कि परंपरागत से हटकर फिल्में बनाना कितना कठिन है। उन्होंने भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री में रचनात्मक दृष्टिकोण की कमी पर चिंता व्यक्त की।
LSN India ·
प्रतिष्ठित निर्देशक टिगमांशु ढूलिया ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अपनी फिल्मों को बनाने की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की है। ढूलिया के अनुसार, प्रत्येक फिल्म बनाना एक कठिन संघर्ष है, विशेषकर जब निर्माता पारंपरिक सिनेमा से हटकर कुछ नया और अलग दिखाना चाहता है।
इस अनुभवी फिल्ममेकर ने इंडस्ट्री में दूरदर्शिता और रचनात्मक सोच की कमी पर गहरी चिंता जताई है। उनका मानना है कि सिनेमा को केवल व्यावसायिक सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि कला और संवेदनशीलता के साथ भी देखा जाना चाहिए।
ढूलिया ने अपनी फिल्म घमासान के अनुभव और आने वाली परियोजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सार्थक और सामाजिक प्रासंगिकता वाली फिल्मों का निर्माण करना अत्यंत मुश्किल है।
यह टिप्पणी उस समय आई है जब भारतीय सिनेमा विविधता और प्रायोगिक फिल्मों के लिए बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। ढूलिया जैसे निर्माताओं की आवाजें इंडस्ट्री के अंदर सुधार और नई सोच की जरूरत को रेखांकित करती हैं।