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शहरी निकायों को ग्रामीण क्षेत्र विलय के लिए एकबारी अनुदान की सिफारिश
सोलहवां वित्त आयोग ने एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरी स्थानीय निकायों को पेरी-अर्बन गांवों के विलय के लिए एकबारी अनुदान देने की सिफारिश की है। यह शहरीकरण प्रीमियम के तहत दिया जाएगा।
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सोलहवां वित्त आयोग ने शहरी क्षेत्रों के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण सिफारिश जारी की है। इसके तहत एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरी स्थानीय निकायों को आसपास के ग्रामीण इलाकों को अपने में मिलाने के लिए एकबारी अनुदान दिया जाएगा।
यह अनुदान शहरीकरण प्रीमियम घटक के रूप में प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य पेरी-अर्बन इलाकों को शहरी प्रशासनिक ढांचे में बेहतर तरीके से एकीकृत करना है। यह कदम शहरी-ग्रामीण विभाजन को कम करने और सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
आयोग ने इस अनुदान को जारी करने के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। शहरी निकायों को पिछले वित्तीय वर्षों से संबंधित लेखापरीक्षित आंकड़े सार्वजनिक करना होगा। इन शर्तों को पूरा करने वाली संस्थाएं ही अनुदान प्राप्त करने के लिए योग्य मानी जाएंगी।
शहरी विकास और प्रशासनिक सीमाओं के विस्तार की यह नीति स्थानीय शासन को सुदृढ़ करने का प्रयास है। इससे शहरी इलाकों में बेहतर बुनियादी ढांचे और सेवाओं का विकास संभव हो सकेगा।