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शमोंडा वायरस से यूरोप में पहली मानव मृत्यु, मवेशियों से मनुष्य में संक्रमण की चेतावनी

1965 में नाइजीरिया में खोजा गया शमोंडा वायरस अब यूरोप के डेढ़ दर्जन देशों में पाया जा रहा है। पशुपालन से जुड़े इस वायरस ने फ्रांस में मनुष्य की जान ली है, जो इसके संक्रामक खतरे को दर्शाता है।

LSN India · 23 October 2026

शमोंडा वायरस से यूरोप में पहली मानव मृत्यु, मवेशियों से मनुष्य में संक्रमण की चेतावनी

फ्रांस में शमोंडा वायरस से एक व्यक्ति की मृत्यु की घटना पशु-जनित संक्रामक रोगों के संबंध में चिंता बढ़ा गई है। यह पहली बार है कि यह वायरस, जो मुख्य रूप से मवेशियों को प्रभावित करता है, किसी मनुष्य की मौत का कारण बना है।

शमोंडा वायरस की खोज वर्ष 1965 में नाइजीरिया में की गई थी। तब से यह वायरस धीरे-धीरे विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में फैला है और वर्तमान समय में यूरोप के 12 से अधिक देशों में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है।

मवेशियों में इस वायरस के संक्रमण से पशुपालकों और कृषि क्षेत्र में संलग्न लोगों के लिए संभावित स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पशुओं के साथ निकट संपर्क में आने वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक होता है।

यह घटना पशु-जनित बीमारियों की निगरानी और नियंत्रण को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकरणों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।