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फेडरल रिजर्व की दरें बढ़ने के बाद सेंसेक्स-निफ्टी की दिशा अस्पष्ट
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई, लेकिन अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। इस विकास का भारतीय शेयर बाजार पर महत्वपूर्ण असर पड़ने की संभावना है।
LSN India ·
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25 प्रतिशत) की वृद्धि की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस निर्णय के तहत अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी आई है, जबकि एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझान दिखाई दे रहे हैं।
भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी 50 की गतिविधि पर वैश्विक बाजार के रुझान, विदेशी निवेशकों के कदम और घरेलू आर्थिक संकेतों का असर पड़ने वाला है। अमेरिकी दरें बढ़ने से विकासशील बाजारों में पूंजी प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
एशियाई बाजारों में दिखाई दे रही मजबूती भारतीय निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी बाजार में नरमी भारतीय शेयरों पर दबाव डाल सकती है।
17 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार की गतिविधि इन वैश्विक कारकों के अलावा स्थानीय आर्थिक आंकड़ों और कॉर्पोरेट परिणामों से भी प्रभावित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार की दिशा निर्धारित करने में अंतरराष्ट्रीय कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।