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फूलों की खेती से किसानों की आय बढ़ाने की नई पहल, कई राज्यों में सब्सिडी योजना
देश में किसानों के लिए पारंपरिक अनाज उत्पादन के अलावा आय के नए साधन तैयार किए जा रहे हैं। फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देते हुए सरकारी योजनाएं किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं।
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धान और गेहूं की पारंपरिक खेती से परे किसान अब फूलों की खेती को अपनी आय का मुख्य जरिया बना सकते हैं। गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और जरबेरा जैसी नकदी फसलें उगाकर कृषक अपनी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत देश के विभिन्न राज्यों में योग्य किसानों को फूलों की खेती के लिए विशेष सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक बागवानी अपनाने में सहायता प्रदान करती है।
फूलों की खेती न केवल पारंपरिक कृषि की तुलना में अधिक लाभजनक है, बल्कि इसमें बाजार की मांग भी बनी रहती है। शहरी क्षेत्रों में फूलों की निरंतर मांग किसानों को स्थिर आय सुनिश्चित करती है।
कृषि विभाग की ओर से किसानों को इस योजना से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाकर आत्मनिर्भर बन सकें।