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उड़ने वाली टैक्सी सेवा शुरू होने को तैयार, किराया होगा कार जितना
विमान प्रौद्योगिकी पर आधारित इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ विमान (e-VTOL) का इस्तेमाल करके शहरी परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। भारतीय कंपनियां भी इस नई तकनीक को बाजार में लाने की तैयारी कर रही हैं।
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बचपन से ही उड़ने वाली कार का सपना देखने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में यह वास्तविकता बन सकता है। कई प्रौद्योगिकी कंपनियां वर्तमान में ड्रोन जैसी संरचना वाली टैक्सी सेवाएं विकसित कर रही हैं जो पारंपरिक सड़क मार्ग की बजाय आकाश मार्ग से यात्रियों को ले जाएंगी।
e-VTOL विमान, जिसे इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ विमान कहा जाता है, इस क्षेत्र की सबसे अधिक चर्चित तकनीक है। ये विमान बिना रनवे के किसी भी समतल स्थान से सीधे ऊपर उठ सकते हैं और विद्युत शक्ति से चलाए जाते हैं। कंपनियों का दावा है कि ये सेवा Uber जैसी राइड-शेयरिंग सेवाओं के समान किफायती होगी और शहरी ट्रैफिक की समस्या का समाधान प्रदान करेगी।
भारत में कई स्टार्टअप और विमानन कंपनियां इस तकनीक को अपनाने की दिशा में काम कर रही हैं। शहरों में बढ़ती भीड़भाड़ और यातायात की समस्याओं को देखते हुए, हवाई टैक्सी सेवा परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रारंभिक चरणों में ये सेवा मेट्रोपॉलिटन शहरों में शुरू की जाने की संभावना है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई देशों में पहले से ही e-VTOL सेवाओं के परीक्षण जारी हैं। भारतीय नियामक निकाय भी इस संबंध में नीति तैयार करने में लगे हैं ताकि इस नई तकनीक को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से देश में लागू किया जा सके। आने वाले पांच से दस वर्षों में ये सेवा भारतीय शहरों की हवा में एक आम दृश्य बन सकती है।