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विदेशी निवेशकों के पलायन को रोकने के लिए कर कटौती की मांग पर वित्त मंत्री का जवाब
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने इक्विटी निवेश के लिए ऋण बाजार जैसी ही सहायता देने की मांग को स्वीकार किया है।
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नई दिल्ली - वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के पलायन को रोकने के लिए कर में कटौती की मांग पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मंत्री ने बताया कि राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव आया है, जिससे नीति संबंधी निर्णय लेने में प्रभाव पड़ता है।
सीतारमण ने स्वीकार किया कि उद्योग की ओर से इक्विटी निवेश को ऋण बाजार के समान सहायता प्रदान करने की मांग की जा रही है। ऋण बाजार में निवेशकों को वर्तमान में विशेष कर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस मांग को लेकर सरकार के रुख पर वित्त मंत्री ने विचारशील दृष्टिकोण अपनाया है।
विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजारों से बड़ी मात्रा में निकासी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न हलकों से सरकार पर दबाव बना हुआ है। वर्तमान आर्थिक माहौल में निवेश को आकर्षक बनाने के उपायों पर विचार जारी है।
सीतारमण की टिप्पणी से संकेत मिलता है कि कर नीति से संबंधित किसी भी बदलाव के लिए सरकार मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों का विश्लेषण कर रही है। एफपीआई के प्रवाह को स्थिर करने के लिए नीति निर्माताओं द्वारा विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।