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विदेशी बैंक प्रमुखों का दावा: FII बहिर्वाह स्थिर हो रहा है, भारत की वृद्धि कथा बरकरार
BS BFSI इनसाइट समिट 2026 के पहले दिन विदेशी बैंकों के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि FII बहिर्वाह की गति धीमी पड़ रही है। उन्होंने भारत की दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त किया और पूंजी प्रवाह तथा लघु व्यवसाय वित्तपोषण के नए अवसरों की ओर इशारा किया।
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भारत में विदेशी बैंकिंग क्षेत्र के शीर्ष नेताओं का मानना है कि हाल ही में देखे गए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का पलायन धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहा है। BS BFSI इनसाइट समिट 2026 के उद्घाटन सत्र में इन बैंक प्रमुखों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालीन संभावनाओं के प्रति अपना आस्था दोहराया।
अंतर्राष्ट्रीय पूंजी प्रवाह और क्रॉस-बॉर्डर निवेश पर चर्चा करते हुए, इन वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान बाजार गतिविधियां अल्पकालिक सुधार के संकेत दे रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत अभी भी एशिया के प्रमुख निवेश गंतव्यों में से एक बना हुआ है।
समिट में प्रतिभागियों ने लघु और मध्यम उद्यमों (SME) के वित्तपोषण क्षेत्र में आने वाले अवसरों पर विशेष ध्यान दिया। विदेशी बैंकों के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह खंड भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की कुंजी है और यहां निवेश की संभावनाएं काफी बड़ी हैं।
बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मत है कि भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और बढ़ती उपभोक्ता आधार दीर्घावधि में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती रहेगी। उन्होंने सरकार की नीतिगत पहलकदमियों और आर्थिक सुधारों की भी सराहना की।